अधीनस्‍थ विभागाध्‍यक्ष

राजस्‍व विभाग के अधीन निम्‍नानुसार 5 विभागाध्‍यक्ष कार्यरत हैं :-

(1)

मध्यप्रदेश राजस्व मंडल, ग्वालियर

(2)

राहत आयुक्त, भोपाल

(3) 

प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश

(4) 

आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त,ग्वालियर,मध्यप्रदेश

(5)

नियंत्रक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री,भोपाल

 

(1)राजस्व मंडल-

राजस्व मंडल राजस्व मंडल राजस्व न्याय प्रणाली में राज्य का वरिष्ठतम एवं पुनरीक्षण अपीलीय न्यायालय है। राजस्व मंडल का गठन मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता,1959 के अंतर्गत किया गया है तथा इसका मुख्यालय ग्वालियर में हैराजस्व मंडल, मध्यप्रदेश भूराजस्व संहिता, 1959 के अंतर्गत न्यायालयीन प्रकरणों में अपील, पुनरक्षण एवं पुनरावलोकन हेतु अंतिम न्यायालय है। राजस्व मंडल द्वारा पारित निर्णय के संदर्भ में माननीय उच्च न्यायालय में, अनुच्छेद 226 के अंतर्गत या तो याचिका प्रस्तुत की जा सकती है या संदर्भ किया जा सकता है।

 

(2) राहत आयुक्त-

राजस्व विभागप्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, ओला, आग, भूकंप आदि से प्रभावित लोगों को त्वरित रूप से सम्पादित करता है। राज्य स्तर पर प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की जानकारी संकलित करने और पीड़ितों को प्रदाय की जा रही राहत की निरंतर मॉनिटरिंग करने के उद्देश्य से राजस्व विभाग के अन्तर्गत राहत आयुक्त कार्यालय की स्थापना 1979-80 में शासन द्वारा की गई।

 

(3) प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त-

राज्‍य शासन की अधिसूचना दिनांक 15/02/2011 द्वारा प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त कार्यालय की स्‍थापना की गई है। राजस्व विभाग के अधीन विभागाध्‍यक्ष प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त को निम्‍नानुसार अधिकार प्रत्‍यायो‍जित किए गए है –

•तहसीलदार,नायब तहसीलदार स्‍थापना,सामान्‍य नियंत्रण,पदोन्‍नति,सेवानिृत्ति एवं स्‍थानान्‍तरण आदि ।

•संभाग आयुक्त, कलेक्‍टर तथा तहसील कार्यालयों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की स्‍थापना ।

•नजूल भूमि का संधारण  

•भू-अर्जन संबंधी कार्य

•नगरीय भूमि सीमा अधिनियम

•कृषि जोत उच्‍चतम सीमा अधिनियम,

•व्‍यपवर्तन संबंधी कार्य

•भू-राजस्‍व वसूली,भू-भाटक का निर्धारण,

•संभागीय आयुक्‍त,जिला एवं तहसील कार्यालयों को बजट आवंटन एवं नियंत्रण ।

विभागाध्यक्ष होने के नाते प्रत्येक योजना के कार्य की समीक्षा आवश्यक निर्देशन कानूनी मामलों में मार्गदर्शन देते हुए सुनियोजित तथा सफलतापूर्वक कार्यक्रमों को चलाना प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त का प्रमुख कार्य है। प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त की सहायता के लिये संयुक्त राजस्‍व आयुक्त के तीन, उप राजस्‍व आयुक्‍त के तीन एवं सहायक राजस्‍व आयुक्‍त के छ: पद स्वीकृत हैं ।

 

(4)आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त -

राजस्व विभाग के अधीन आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त , नियमित भू-प्रबंधन, भू-अभिलेख, कृषि सांख्यिकी तथा भू-सुधार कार्यों के लिये विभागाध्यक्ष है। विभागाध्यक्ष होने के नाते प्रत्येक योजना के कार्य की समीक्षा आवश्यक निर्देशन कानूनी मामलों में मार्गदर्शन देते हुए सुनियोजित तथा सफलतापूर्वक कार्यक्रमों को चलाना आयुक्त भू-अभिलेख का प्रमुख कार्य है। आयुक्त भू-अभिलेख की सहायता के लिये संयुक्त आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त का पद स्वीकृत है।

 

(5)नियंत्रक,मुद्रण तथा लेखन सामग्री,भोपाल

मध्यप्रदेश के राजपत्र का प्रकाशन, विधानसभा कार्य एवं कार्यवाहियों का मुद्रण, विभिन्न चुनाव हेतु मतपत्रों का मुद्रण, बजट पुस्तिका का मुद्रण, समस्तशेडयूल प्रपत्रों का मुद्रण, शासकीय डायरी एवं केलेण्डर का मुद्रण तथा प्रकाशन शासन के समस्त विभागों को उनकी मांग पर अन्य सामग्री मुद्रित करके प्रदाय करना तथा भोपाल स्थित समस्त विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयों को लेखन सामग्री की मांग की पूर्ति करना।

विभाग समस्त शासकीय विभागों को शेड्यूल प्रपत्रों का मुद्रण कर प्रदाय करता है साथ ही बजट, राजपत्र, मतपत्र मुद्रण जैसे अतिविशिष्ट एवं गोपनीय कार्य बिना किसी अवरोध के सम्पन्न करना इस विभाग की विशेषता है, जिसके कारण विभाग की अलग पहचान है।