भू-अभिलेखों
का
कम्प्यूटरीकरण-
प्रदेश
में वर्ष 1999-2000 में
भारत सरकार
ग्रामीण
विकास
मंत्रालय, नई
दिल्ली
द्वारा सी.एल.आर. स्कीम
के तहत उपलब्ध
कराए गए
शत-प्रतिशत
अनुदान से
प्रदेश के
समस्त जिलों
के 55,531 ग्रामों
के 1.10 करोड़
खातेदारों के
3.70 करोड़ खसरा
प्रविष्टियों
का
कम्प्यूटरीकरण
कराया गया है।
जिसे तहसील
स्थित
कम्प्यूटर
केन्द्रों पर
जिला कलेक्टर
के
पर्यवेक्षण
में निरंतर अद्यतन
किया जा रहा
है एवं अद्यतन
डाटा विभागीय
वेबसाइट पर जन
सामान्य के
लिए उपलब्ध
है।
तहसील
स्थित
कम्प्यूटर
केन्द्रों की
मॉनीटरिंग
हेतु वर्ष 04-05 में
प्रदेश के 48
जिलों के जिला
डाटा
केन्द्रों की
स्थापना की
जाकर उनमें आधुनिक
कम्प्यूटर
एवं सह उपकरण
स्थापित कराए
गए हैं वर्ष 05-06 एवं 06-07 में
प्रदेश के 182
सब-डिवीजन
(अनुविभागीय
कार्यालय) मुख्यालय
पर
अनुविभागीय
डाटा केन्द्र
स्थापित कर
उनमें
कम्प्यूटर
सह-उपकरण
स्थापित कराए
गए हैं।
भू-अभिलेखों
के अद्यतन
हेतु एवं डाटा
के विविधि
उपयोग हेतु
एन.आई.सी. के
माध्यम से
सॉफ्टवेयर
तैयार-
परिवर्धित
किए जा रहे
हैं।
पूर्व
में जिलों से
कृषि वर्ष की
समाप्ति के उपरांत
प्राप्त डाटा
सी.डी. को
विभागीय
वेबसाइट पर
होस्ट कराया
जाता था जो
लगभग 1 वर्ष
पुराना होने
से अधिक
उपयोगी नहीं
रहता था इसलिए
कम्प्यूटरीकृत
डाटा को अधिक
उपयोगी बनाने
के उद्देश्य
से फरवरी 08 से प्रत्येक
जिले में जिले
की समस्त
तहसीलों का
प्रतिमाह का
अद्यतन डाटा
केन्द्र पर
उसी माह में
वेबसाइट पर
होस्ट करने की
व्यवस्था की
गई है।
कम्प्यूटीकृत
भू-अभिलेखों
के नकल वितरण
तथा उससे
प्राप्त
राजस्व का
वर्षवार
विवरण निम्नानुसार
है-
|
क्रं. |
वर्ष |
वितरित
खसार- बी-1
प्रतिलपि |
प्राप्त
राशि (रूपए
में) |
|
1 |
04-05 |
793548 |
9188006 |
|
2 |
05-06 |
1063405 |
14677193 |
|
3 |
06-07 |
1340018 |
22890536 |
|
4 |
07-08 |
1940610 |
31026690 |